HomeNEW UPDATETokyo Olympic 2021|ओलंपिक और भारत|India won 7 Medals

Tokyo Olympic 2021|ओलंपिक और भारत|India won 7 Medals


चर्चा में क्यों है?

नमस्कार दोस्तों जैसे कि हमें पता है कि टोक्यो ओलंपिक का समापन 8 अगस्त 2021 को हुआ। यह ओलंपिक 23 जुलाई 2021 को आरंभ हुआ, जोकि वर्ष 2020 में होने वाला था। परंतु कोविड-19 के कारण इसे वर्ष 2021 में करवाया गया।

इस ओलंपिक का विषय “United by emotion’ था।

इसका शुभंकर मिराइतोबा और सो माइटी था, जोकी जापानी संस्कृति एवं आधुनिकता दोनों का प्रतीक है।

इस ओलंपिक में 206 देशों के 11 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 33 खेल के 339 आयोजन में भाग लिया । इस ओलंपिक में सबसे अधिक पदक अमेरिका ने जीता। भारत ने इसमें कुल 7 पदक जीते।

अगला ओलंपिक का आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में 2024 में होगा।

टोक्यो ओलंपिक के बारे में जानकारी:-

इस ओलंपिक का उद्घाटन जापान सम्राट नारुहितो ने किया और इसका समापन ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बांख किया । यह 32 वां ओलंपिक अब तक का खेला गया सबसे मंहगा Olympic हैं। जापान ने कोविड-19 के बीच इस ओलंपिक का आयोजन काफी बेहतरीन एवं सुरक्षित रूप से किया। टोक्यो ने इससे पहले 1964 में भी ओलंपिक का आयोजन किया था।

इस ओलंपिक में कुल 113(39 gold) मेडल के साथ अमेरिका पहला, 88(38 gold) मेडल के साथ चीन दूसरा, 58(27gold) medal के साथ जापान तीसरे स्थान पर है।

भारत कुल 7(1gold ,2 silver, 4bronze)पदक जीतकर 48 वें स्थान पर है।

इसमें कुल 86 देशों ने कम से कम 1 पदक जीता और 120 देशों ने कोई पदक नहीं जीता।

इस ओलंपिक में पहला गोल्ड चीनी खिलाड़ी चियांन यांग ने जीता।

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र के खिलाड़ी 12 वर्षीय सीरिया के हैंड जाजा(table tennis) और सबसे अधिक उम्र के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के 66 वर्षीय मेरी होना (horse riding) बने।

इस ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर लॉरेल हार्वर्ड न्यूजीलैंड के बनी जिसने वूमेन सुपर हेवी वेटलिफ्टिंग में भाग लिया।

जापान के अबे हिपुमी और अबे उठा जुडो में एक ही दिन gold जितने वाली पहली भाई बहन की जोड़ी बनी।

इस ओलम्पिक में प्रमुख विवाद:-

यह ओलंपिक अपने बेहतरीन आयोजन के साथ-साथ विवादों का भी साक्ष्य रहा। उदाहरण- स्वरूप रुस के खिलाडिय़ों का नशीली दवाएं के प्रयोग के कारण देश के नाम से नहीं खेलना ।
चीनी खिलाड़ी पर नशीली दवाएं प्रयोग करने का आरोप लगना।
बेलारूसी खिलाड़ियों का अपने देश वापस नहीं जाना। जर्मन महिला जिम्नास्ट द्वारा कपड़े का विवाद आदि हैं।

Olympic में भारत का प्रदर्शन :-

भारत ने इसमें 18 खेलों के लिए कुल 126 खिलाड़ियों को भेजा। जिसमे उद्घाटन के लिए ध्वजवाहक मेरी कॉम और मनप्रीत सिंह तथा समापन के लिए ध्वजवाहक बजरंग पुनिया बने। भारत ने ओलंपिक में कुल 7 पदक जीता। यह अब तक का पदक के मामलों में सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। (भारत ने अब तक कुल 35 मेडल जीते हैं। जिसमे 10 गोल्ड, 9 सिल्वर तथा 16 ब्रॉन्ज मेडल है।)

इसमें नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में gold, मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में silver , रवि कुमार दहिया कुश्ती में silver, पीवी सिंधु बैडमिंटन में bronze, बजरंग पूनिया कुश्ती में bronze, लवलीन मुक्केबाजी में bronze तथा पुरुष हॉकी टीम ने bronze मेडल जीता।

भारत ने इसके अलावा अन्य खेल जैसे- गोल्फ, महिला हॉकी एवं 4 *400 दौड़ में भी अच्छा प्रदर्शन किया।

भारत की ओर से तलवारबाजी में भवानी देवी, नाविक के रूप में नेथरा कुमारन ,तैराकी में माना पटेल पहली भारतीय महिला के रूप में इस ओलंपिक में भाग लिया।

भारत ने रिकॉर्ड बनाया:-

• नीरज कुमार व्यक्तिगत रूप से gold जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने तथा एथलीट्स के क्षेत्र में पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
Note:- व्यक्तिगत रूप से पहला गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी अभिनव बिंद्रा है जिन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग के क्षेत्र में जीता।

• पीवी सिंधु, सुशील कुमार के अलावा व्यक्तिगत रूप से दो मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय तथा पहली महिला बनी।

भारत का ओलंपिक में मेडल ना जीत पाने का कारण एवं समाधान :-

भारत सबसे अधिक युवाओं का देश होते हुए भी ओलंपिक में कम मेडल जीतता है। इसका कारण यहां की संस्कृति में खेल का अभाव होना, शासन प्रशासन की उदासीनता खेलों के प्रति होना है।
यहां एक कहावत कही जाती है- “पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोंगे घूमोगे तो बनोगे खराब।”

यहां के अभिभावक भी बच्चों को खेलों के प्रति लगाव नहीं होने देते। सुविधाओं एवं संसाधनों का कमी होना, खेलों में कम निवेश एवं खेल फेडरेशन में सियासत एवं भ्रष्टाचार का लिप्त होना, लैंगिक एवं जातीय भेदभाव, गरीबी के कारण खेल की बजाय नौकरी की ओर ध्यान देना, विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र एवं प्रशिक्षक का आभाव, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एवं खिलाड़ियों के डाइट(खाना) इत्यादि में कमी होना है। स्कूली शिक्षा के दौरान कुछ समय खेलों के लिए आरक्षित होने के बावजूद भी ध्यान नहीं देना या सुचारू रूप से लागू नहीं करना! परंपरागत खेलों में माहीर लोगों का सही से उपयोग नहीं कर पाना। आदिवासी जनजाति लोग तीरंदाजी वगैरह में निपुण होते हैं परंतु उनका उपयोग नहीं कर पाना।

समाधान- के लिए विभिन्न तरह के सरकारी एवं निजी स्तर पर योजनाओं को लागू करना। सरकार को खेलों के लिए फंड देना। निजी कंपनियों को स्पॉन्सर के लिए आगे आना। स्कूली स्तर पर खेलों के लिए बच्चों को उत्साहित करना। अभिभावक को भी इस ओर ध्यान देना आदि है।

सभी राज्य सरकारों को भी इस ओर गहन ध्यान देना होगा।
सभी राज्यों को असम, मणिपुर, हरियाणा एवं उड़ीसा की भांति या उससे बेहतर सुविधा एवं प्रोत्साहन के लिए कोशिश करना पड़ेगा। खेल स्टेडियम का निर्माण एवं खेल संसाधनों को पूर्ति करना होगा। लैंगिक भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं को भी आगे करना होगा।

उम्मीद करते हैं कि भारत बहुत सारे सुधार कर जल्द ही अगले ओलंपिक में आशा जनक प्रदर्शन करेगा।

ओलंपिक का इतिहास:-

यह पहली बार 776 ईसा पूर्व एंथेस शहर में आयोजित हुआ था। आधुनिक रूप से ओलंपिक 1896 में एंथेस में प्रारंभ हुआ था। जिसमें 14 देश के 241 खिलाड़ी ने भाग लिया।
1900 के पेरिस ओलंपिक में पहली बार 22 महिला ने भाग लिया।

अब तक सबसे ज्यादा तीन बार ओलंपिक का आयोजन लंदन शहर में करवाया गया।

ओलंपिक को अब तक तीन बार 1916, 1940 और 1944 में प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के कारण रोका गया।
Olympic का 5 Ring 5 महाद्वीप एशिया, अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को प्रदर्शित करता है।

1900 के पेरिस ओलंपिक में नॉर्मल पिचड़ ने पहले भारतीय प्रतिनिधि के रूप में 2 सिल्वर मेडल जीता।

आधिकारिक रूप से भारत ओलंपिक में 1920 में प्रवेश किया ! तथा आधिकारिक रूप से भारत का पहला मेडल 1928 में हॉकी में गोल्ड के रूप में जीता।
1952 में व्यक्तिगत रूप से पहला मेडल कुश्ती में के डी यादव ने जीता।

धन्यवाद

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