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Lithium: खजाने का खुलासा जम्मू कश्मीर में मिला लिथियम का भंडार , जानिए कैसे बदलेगी जम्मू कश्मीर की आर्थिक स्थिति

Lithium: हाल ही में भारत के जम्मू कश्मीर राज्य में भारी मात्रा में लिथियम पाया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीतियां एक बहुत ही दुर्लभ और मूल्यवान धातु है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक बैटरी और एयरोस्पेस यानी कि हवाई जहाज सहित अन्य प्रकार के उद्योगों में किया जाता है। आज के समय में इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों के उदय के कारण Lithium की मांग में काफी ज्यादा वृद्धि हो गई है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में Lithium की भारी मात्रा मैं मिलना एक वरदान है।

लिथियम का मिलना जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए आखिर वरदान क्यों बताया जा रहा है?

जम्मू कश्मीर में Lithium का भंडार इस बात की पुष्टि भारत सरकार ने 2018 में की थी| भंडार का अनुमान लगभग 5.9 million tonnes था, जिसे व्यापारिक बाजार में Lithium की उच्च मांग को देखते हुए एक महत्वपूर्ण वजन माना जाता है।

जम्मू कश्मीर में Lithium खनन अभी भी खोज पूर्ण चरण में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के लिए , लिथियम का मिलना राज्य को एक प्रमुख लिथियम उत्पादक बना सकता है| राज्य सरकार ने लिथियम उद्योग के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं जैसे कि लिथियम खनन की क्षमता का पता लगाने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

जम्मू कश्मीर में Lithium की खोज कई कारणों से महत्वपूर्ण है सबसे पहले यह आयात की जाने वाली लिथियम पर भारत की निर्भरता को कम करने में मदद करेगा। वहीं दूसरी तरफ यह स्थानीय रोजगार और राजस्व उत्पन्न करके राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकता है

अंत में यह बैटरी उत्पादन के लिए लिथियम का स्थानीय स्रोत प्रदान करके राज्य में नवीन ऊर्जा उत्पादन के विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है

किस प्रकार की चुनौतियों का करना होगा सामना

जम्मू कश्मीर में लिथियम उद्योग के विकास के सामने आने वाली चुनौतियों में से एक खनन का पर्यावरणीय प्रभाव है लिथियम खनन एक अत्यधिक विनाशकारी प्रक्रिया हो सकती है जिसके गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव हो सकते हैं जिसमें आवासों का विनाश और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं शामिल हैं।

इन चिंताओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय खनन प्रथम को महत्व दिया है इसी के चलते सरकार ने पर्यावरणीय प्रभाव की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन भी किया है और सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है किसी भी खनन कार्य को पर्यावरणीय नियमों का पालन करने और आगे बढ़ने से पहले आवश्यक परमिट प्राप्त करना अनिवार्य है।

इन सभी चुनौतियों के बाद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी एक विकट चुनौती है, राज्य देश के एक दूरस्थ स्थित है और सड़कों रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे की कमी के कारण खनन स्थलों से उपकरण और सामग्री का परिवहन करना मुश्किल हो जाता है। जिसके कारण सरकार सड़कों और अन्य परिवहन के बुनियादी ढांचे में निवेश करके ऐसी चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए काम कर रही है।

अंत में हम आपको बताना चाहेंगे कि लिथियम भंडार की खोज एक महत्वपूर्ण विकास है जिसमें राज्य की अर्थव्यवस्था को बदलने और नवीन ऊर्जा उत्पादन के विकास को बढ़ावा देने की क्षमता है हालांकि यह महत्वपूर्ण है कि कोई भी खनन कार्य एक जिम्मेदार और टिकाऊ तरीके से किया जाए जो खनन के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को ध्यान में रखें। यदि इस खोज को एक सही नजरिए के साथ देखा जाए तो जम्मू कश्मीर में लिथियम उद्योग का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए फायदेमंद है।

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