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kendriya vidyalaya | केंद्रीय विद्यालय क्या है और अड्मिशन कैसे ले?

kendriya vidyalaya: केंद्रीय विद्यालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक स्कूल होता है जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित होता है। ये स्कूल केंद्र सरकार द्वारा प्रबंधित होते हैं और उनका वित्तीय अनुदान भी सरकार द्वारा किया जाता है। केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए संयुक्त विद्यालय प्रवेश परीक्षा (CBSE) आयोजित की जाती है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को विभिन्न खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने का मौका मिलता है।

केंद्रीय विद्यालय क्या है? (What is kendriya vidyalaya)

kendriya vidyalaya भारत सरकार द्वारा संचालित एक स्कूल होता है जो भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित होता है। इन स्कूलों का प्रबंधन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है और इनका वित्तीय अनुदान भी सरकार द्वारा होता है।

केंद्रीय विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल होते हैं। इन स्कूलों में विभिन्न विषयों में शिक्षा प्रदान की जाती है जैसे कि विज्ञान, गणित, अंग्रेज़ी, सामाजिक विज्ञान, विदेशी भाषाएँ, आदि।

kendriya vidyalaya में अध्ययन करने के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा देनी पड़ती है और इन स्कूलों में प्रतिभागी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आवंटित की जाती है। केंद्रीय विद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है जो भारत के स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 12 तक की शिक्षा दी जाती है। इन विद्यालय में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के किताब को अध्ययन कराया जाता है।

केन्द्रीय विद्यालय किन बच्चों के लिए है?

kendriya vidyalaya भारत के सरकारी स्कूल होते हैं जो कि सभी बच्चों के लिए उपलब्ध होते हैं। यहां प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाती है।

केन्द्रीय विद्यालयों में छात्रों के लिए विभिन्न कक्षाएं होती हैं, जिनमें उन्हें अपनी उम्र और शैक्षणिक स्तर के अनुसार शिक्षा प्रदान की जाती है। प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक होती है और माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए कक्षा 6 से 10 तक की कक्षाएं होती हैं। उच्च माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 11 और 12 होती हैं।

kendriya vidyalaya खुले विद्यालय होते हैं, जिसका मतलब होता है कि यहां सभी बच्चों के लिए उपलब्ध होते हैं, जैसे कि सरकारी कर्मचारियों के बच्चों, आर्मी और पुलिस के बच्चों, लोगों के बच्चों आदि।

केन्द्रीय विद्यालय में जितना सीट होता है उसमें से 25% सीट ही नॉन गवर्नमेंट पेरेंट्स के बच्चों के लिए सीट अवैलबल होते है, बाकी सब गवर्नमेंट एम्प्लोयी के बच्चों के लिए सीट होते है। 25% सीट RTE(Right to Education) के तहद आती है।

केन्द्रीय विद्यालय मे एडमिशन कैसे होता है? (How to admission in kendriya vidyalaya)

केन्द्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए निम्नलिखित चरणों को पूरा करना होता है:

How to admission in kendriya vidyalaya
  1. आवेदन करें: सबसे पहले, अभिभावक या छात्र को केन्द्रीय विद्यालय के लिए आवेदन करना होता है। आवेदन फार्म विद्यालय के वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है या फिर विद्यालय के दफ्तर में भी उपलब्ध होता है। आवेदन की तिथि और प्रक्रिया विद्यालय के निर्देशों के अनुसार होती हैं।
  2. प्रवेश परीक्षा दें: कुछ केन्द्रीय विद्यालयों में, प्रवेश परीक्षा ली जाती है। इसके लिए छात्र को विद्यालय की वेबसाइट से अधिसूचना दी जाती है और परीक्षा की तारीख एवं समय निर्धारित किए जाते हैं। परीक्षा के आधार पर छात्रों को चयन किया जाता है।
  3. दस्तावेज सत्यापन: जब छात्र का चयन हो जाता है, तो उन्हें उनकी जन्म तिथि, पिछली विद्यालय शिक्षा के संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय के दफ्तर में जमा करना होता है।
  4. फीस जमा करें: छात्र को अग्रेड के अनुसार फीस जमा करनी होती है और इसे जमा करने की अंतिम तिथि विद्यालय के द्वारा निर्धारित की जाती है। छात्र को फीस जमा करने के बाद उनके नाम का सूची विद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है।
  5. प्रवेश दिया जाता है: आवेदन, प्रवेश परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने के बाद, छात्र को प्रवेश दिया जाता है।

इस तरह से, केन्द्रीय विद्यालय में अड्मिशन प्रक्रिया पूरी होती है।

केन्द्रीय विद्यालय का इतिहास? (History of kendriya vidyalaya)

kendriya vidyalaya का अधिकारिक शुभारंभ 1963 में हुआ था, जब भारत सरकार ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत एक शैक्षणिक नीति जारी की जिसमें केन्द्रीय विद्यालयों के गठन की घोषणा की गई। पहले सात केन्द्रीय विद्यालयों की स्थापना 1965 में की गई थी।

इसके बाद से, इन विद्यालयों की संख्या में वृद्धि हुई और वर्तमान में 1245 से अधिक केन्द्रीय विद्यालय भारत भर में हैं। इन विद्यालयों की स्थापना उन क्षेत्रों में की गई जहां भारतीय सेना के कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों के बच्चे शिक्षित हो सकें और उनके परिवारों को इस संदर्भ में सहायता प्रदान की जा सके।

इन विद्यालयों का प्रशिक्षण भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल के साथ-साथ अन्य केंद्रीय सरकारी विभागों के कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी उपलब्ध है। केन्द्रीय विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है।

यहां छात्रों को शिक्षा के अलावा सामाजिक और मनोरंजन के अवसर भी मिलते हैं। केन्द्रीय विद्यालयों में शिक्षा का मूल उद्देश्य एक समग्र विकास है जो न केवल विद्यार्थियों के शैक्षिक भविष्य को बल्कि समाज को भी सकारात्मक ढंग से प्रभावित करता है।

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