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Digital Strike क्या है |Digital Strike कैसे होता है ? प्रभाव, समाधान ?

न्यूज में क्यों है ?

अभी हाल में ही अमेरिका की कंपनी google ने तालिबान पर डिजिटल स्ट्राइक किया। गूगल ने अफगानिस्तान की पिछली सरकार के सभी सरकारी अकाउंट email, gmail और टि्वटर (twitter) जैसे अकाउंट को बंद कर दिया। गूगल ने उसको बंद करने का कारण बताया कि इस अकाउंट में पिछली सरकार के समर्थकों का कांटेक्ट या जानकारी हो सकता है। जिससे उनको तालिबान द्वारा नुकसान पहुंचाने की संभावना हो सकती है।

डिजिटल स्ट्राइक क्या होता है?

डिजिटल माध्यम से प्रतिक्रिया स्वरूप किया गया कार्रवाई Digital strike कहलाता है।

डिजिटल स्ट्राइक का उद्देश्य :-

आंतरिक सुरक्षा , लोगों के समूह की भलाई, धन कमाना, किसी को व्यक्ति या देश को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाना ,किसी व्यक्ति संस्था या सरकार को नुकसान पहुंचाना इसके साथ साथ डिजिटल माध्यम से अपना प्रभाव दिखाना भी आदि बातें होती है।

उदाहरण स्वरूप:-

  • पिछले साल 2020 में भारत सरकार द्वारा 200+ अधिक चाइनीस app को प्रतिबंधित करना एक डिजिटल स्ट्राइक ही है। जिसे भारत सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के मामले को लेकर किया।
  • गूगल द्वारा अफगानिस्तान में पिछली सरकार का अकाउंट बंद कर सरकार समर्थित लोगों की भलाई की गई।
  • डिजिटल स्ट्राइक का सीमित उपयोग ही अच्छे कामों के लिए किया जाता है। लेकिन ज्यादातर इसका उपयोग लोग, संस्था ,सरकार या देश को नुकसान पहुंचाने के लिए ही किया जाता है ।

जैसे :-
किसी व्यक्ति के बैंक खाता से पैसे निकाल लेना , व्यक्ति का मोबाइल कंप्यूटर को हैक कर उसकी निजी एवं अन्य कई तरह की जानकारियों को चुरा लेना।

किसी व्यक्ति के कंप्यूटर मोबाइल को लॉक कर देना।

किसी संस्थान या कंपनी की जानकारी और भविष्य के प्लान को चुरा लेना।

किसी देश के आंतरिक सुरक्षा से संबंधित एवं अन्य प्रकार की जानकारियों को चुराना।

बड़े-बड़े नेताओं के फेसबुक, इमेल, ट्यूटर अकाउंट को हैक कर उसका गलत उपयोग करना।

इस तरह के डिजिटल स्ट्राइक छुप कर और अपनी पहचान छुपा कर किया जाता है। इसे साइबर क्राइम का नाम दिया गया ।

भारतीय संसद के अनुसार 2020 में 1.16 मिलियन साइबर क्राइम के केस दर्ज की गई थी।

डिजिटल स्ट्राइक करने के तरीके?

अगर सरकार या डिजिटल ऐप, मीडिया के मालिक सकारात्मक कामों के लिए करते हैं। तो प्रत्यक्ष रूप से होता है। जैसे कि वैसा क्षेत्र जहां पर दंगे हो रहे हो वहां पर सोशल मीडिया, इंटरनेट को बंद कर अफवाहों को फैलने से रोकना। यह भी एक तरह का डिजिटल strike ही है। परंतु बुरे काम करने के लिए डिजिटल स्ट्राइक कई तरह से होता है।

स्पैम ईमेल:-(Spam Email)


इसमें व्यक्ति के ईमेल पर एक ईमेल आता है, जोकि उसके कंप्यूटर ,मोबाइल आदि को नुकसान पहुंचाता है।

हैकिंग (Hacking):-

इसमें कंप्यूटर या मोबाइल हैक कर उसकी निजी जानकारी एवं उसके सिस्टम में मौजूद कई तरह की जानकारी चुराने के साथ-साथ पासवर्ड बगैरह चेंज कर देना ।

साइबर फिशिंग (Cyber Fishing) :-


इसमें ईमेल के माध्यम से लोगों के निजी जानकारी को मांगना और उसका गलत इस्तेमाल करना।

वायरस के माध्यम से:-

इसमें अपराधी कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर आपके कंप्यूटर पर भेजता है, जिसमे की वायरस होता है और यह वायरस कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाता है ।

फर्जी बैंक कॉल:-


इसमें अपराधी बैंक ऑफिसर या मैनेजर बनकर लोगों से बैंक खाता के बारे में जानकारी एटीएम का नंबर और पासवर्ड के बारे में पूछते हैं ।

नोट:- बैंक कभी फोन या ईमेल पर बैंक संबंधित जानकारी नहीं पूछता है ।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना:-

सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्यूटर जैसे प्लेटफार्म पर सामाजिक , वैचारिक, धार्मिक और राजनीतिक अफवाह फैलाकर काफी लोगों को प्रभावित किया जा सकता है।
आज के समय में इसका काफी प्रचलन हो गया है।

डिजिटल स्ट्राइक के प्रभाव :-

डिजिटल स्ट्राइक के अच्छे प्रभाव-


इसके द्वारा देश अपने आंतरिक सुरक्षा मजबूत कर सकता है। दंगे जैसी स्थिति में अफवाहों को रोकने में मदद मिलती है ।

इसके बुरे प्रभाव :-


किसी के बैंक खाते से पैसों का निकाल लेना। किसी की निजी जानकारी, फोटो ,वीडियो को चुराकर उन्हें परेशान करना, पैसे मांगना या इंटरनेट पर डालने का डर दिखाकर गैरकानूनी और आपत्तिजनक काम करवाना। किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सोशल मीडिया अकाउंट hack कर उससे गलत पोस्ट करना, पैसे की मांग करना।

उदाहरण स्वरूप :-
पिछले साल 2020 में अमेरिका, इजराइल समेत कई देशों के प्रभावशाली लोगों के टि्वटर अकाउंट हैक कर लोगों से पैसे की मांग की गई। किसी देश के महत्वपूर्ण जानकारी को चुरा लेना, जिससे उनके भविष्य के प्लान हथियारों के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकता है।

उदाहरण स्वरूप:-
कुछ दिन पहले इजराइल के सुरक्षा से संबंधित जानकारी चोरी होने की बात सामने आई। इसका आरोप चाइना के हैकर पर लगा। किसी देश के सरकारी ऑफिस के अकाउंट को हैक कर लेना ।

उदाहरण स्वरूप:-
2010 में भारत के पीएम ऑफिस के कंप्यूटर को हैक कर लिया गया। किसी देश के सरकारी या निजी संस्था को हैक कर लेना ।

उदाहरण स्वरूप:-
मुंबई के पावर ग्रिड को हैक कर बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया गया। इन सब कामों के लिए कुछ हानिकारक सॉफ्टवेयर तैयार किए जाते हैं। जिन्हें मालवेयर कहा जाता है। जिनमें प्रमुख मालवेयर हैं, वायरसेस(viruses), वॉर्म्स(worms), ट्रोजन(trojan) , स्पाइवेयर(Spyware), एडवेयर(Adware ) रेनसोमव्हेयर (ransomware)

डिजिटल स्ट्राइक से बचने के कुछ उपाय :-

एक देश के रूप में देश के पास में खुद का सोशल मीडियाअकाउंट होना चाहिए।
ज्यादा से ज्यादा ऐप खुद के देश में बने होना चाहिए। ताकि इससे बाहर के देशों के पास देश की जानकारी प्राप्त ना हो सके।

सरकारी संस्थानों, नेताओं एवं अधिकारियों को देश के बने हैं डिजिटल माध्यम कंप्यूटर मोबाइल ,आदि का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की कोशिश करना चाहिए।
देश में रह रहे जासूसों के बारे में भी पता लगाने चाहिए

लोगों को इससे बचने के लिए,कंप्यूटर स्मार्टफोन इंटरनेट के प्रति जागरूक होना चाहिए ।

किसी भी फर्जी ऐप, ईमेल आदि पर अपनी जानकारी देने से बचना चाहिए।

लॉटरी जैसे चीजों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। उस पर अपना जानकारी नहीं शेयर करना चाहिए

अपने सिस्टम का आसान पासवर्ड नहीं रखना चाहिए। बड़ा और कई तरह का अक्षरों के मेल से बना पासवर्ड रखना चाहिए।

मोबाइल कंप्यूटर पर कम से कम अपने निजी जानकारी रखना चाहिए।

कंप्यूटर वगैरह में एंटीवायरस तथा एंटी मालवेयर का उपयोग करना चाहिए।

डिजिटल माध्यम लोगों के सुख सुविधा का एक माध्यम है, इसके साथ ही लोगों के लिए यह एक अभिशाप से कम भी नहीं है।

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